बाबू सिंह बोले : राजपाठ के जरिये ही हो सकता है बौद्ध धर्म के प्रचार के लिये संकिसा का विकास

संकिसा फर्रूखाबाद। जन अधिकार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व काबीना मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा ने संकिसा के कौमुदी महोत्सव में भाग लेकर बौद्ध अनुयायियों का उत्साह बढाया। उन्होने कहा कि राजपाठ के जरिये ही बौद्ध धर्म के प्रचार के लिये संकिसा का विकास हो सकता है। श्री कुशवाहा ने महोत्सव में विचार व्यक्त करते हुये कहा कि वह संकिसा के कार्यक्रम में पहली बार आया हूँ। इससे पहले साथियों के साथ संकिसा के पुरातत्व स्थल गया था तभी मैने भगवान बुद्ध के स्तूप को देखा था।

07भगवान बुद्ध ने जो कहा है उसे बहुत ही अच्छी तरह से समझने की जरूरत है। दुनिया के सभी धर्मो में पहले आस्था रखी जाती है फिर श्रद्धा हो जाती है। बुद्ध ने कभी ईश्वर जैसे शब्द को कभी आने नही दिया। बुद्ध का धर्म वैज्ञानिक धर्म है। श्री कुशवाहा ने कहा कि अभी नही तो आने वाले समय में आप लोगों को लगेगा कि हमारा बौद्ध धर्म कितना सरल है। आप लोग चाहते है कि संकिसा का विकास हो।

पुरातत्व विभाग को भगवान बुद्ध के तीर्थ स्थल का विकास करना चाहिए। लेकिन पुरातत्व विभाग सरकार के अधीन है। सरकार को सभी तीर्थ स्थलो का विकास करना चाहिए। हम यदि संकिसा के विकास के लिये कलेक्टर के पास जायेगे तो वह भी सरकार के नौकर है। हमे बुद्ध के आर्दशो का पालन कर बौद्ध धर्म का व्यापक प्रचार करना चाहिए।

05बाईवीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश बौद्ध ने कहा कि भगवान बुद्ध ने देव लोक से संकिसा में उतरकर उत्तम उपदेश दिया था। उसी जगह बनाये गये स्तूप को प्रणाम करता हूँ। संकिसा के लोग पहले स्तूप को ईटो का भट्टा समझते थे। लेकिन आज उसी स्थान को पूरे विश्व में भगवान बुद्ध के नाम से जाना जाता है। भारत वर्ष में बौद्ध धर्म खत्म हो रहा है क्योकि इस देश में बौद्ध धर्म की शिक्षा नही दी जा रही। बौद्ध धर्म के आर्दशो पर न चलने के कारण भारत विकास में काफी पिछड गया। बौद्ध धर्म तलवारों से खत्म तो हुआ है लेकिन कभी भी खत्म नही हो सकता। अब बौद्ध धर्म को केवल शिक्षा से ही आगे बढाया जा सकता है।

02बौद्ध धर्म किसी से लडाई लडकर नही मानवता के कारण आगे बढ रहा है और बढता रहेगा। इस जगह केवल 2 ही धर्म के लोग रहते है लेकिन फिर भी स्तूप स्थल का विकास नही कर पा रहे है। श्री बौद्ध ने कहा कि सनातन धर्म के लोग कहते है कि यह हमारी विसारी देवी है और बौद्ध धर्म के लोग कहते है कि हमारे बुद्ध भगवान है। लेकिन फिर भी यहां का विकास रूका हुआ है। महिला सम्मेलन की मुख्य अतिथि संघमित्रा मौर्य ने कहा कि वह इस कार्यक्रम में बीते 5 वर्षों से लगातार आ रही है। एैसे कार्यक्रम में मेरे जैसे लोगों को बढ चढकर भाग लेना चाहिए। हम सभी को भगवान बुद्ध के बताये रास्ते पर ही चलना चाहिए।

04आडम्बरवादी व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुये उन्होने कहा कि हमारी माताये बहने इधर-उधर भटक जाती है। वृत रखती है और गलत अफवाओ पर विश्वास करती। अगर हम भगवान बुद्ध की शिक्षा पर चले तो हमारा धर्म आगे जरूर बढेगा। प्रधान मंत्री के द्वारा 500 व 1000 रूपये बंद करने से लोग परेशान हो रहे है। लेकिन भगवान बुद्ध के वंशजो ने बहुत कठिन समय व्यतीत किया। एैसा नही है कि भंते या भिक्षु ही केवल भगवान बुद्ध का प्रचार करे। हमारी सबकी बौद्ध धर्म का प्रचार करने की जिम्मेदारी है।

08इससे पूर्व भंते चेतसिक बौद्ध, भंते धम्म कीर्ति, भंते नागसेन, भंते गुणानंद, भंतेे गुणसागर आदि सैकडो भिक्षुओ की अगुवाई में भदंत विजय सोम इंटर कालेज परिसर से रवाना हुई विशाल शोभा यात्रा भगवान बुद्ध के स्तूप पर पहुंची। शोभा यात्रा में बौद्ध भिक्षुओ के अलावा सैकडो बौद्ध अनुयायी शामिल रहे। जिन्होने बौद्ध धर्म के समर्थन में जोरदार नारे लगाये। सभी ने स्तूप की परिक्रमा करने के बाद मोमवत्ती व अगरवत्ती जलाकर भगवान बुद्ध की पूजा की। कार्यक्रम में कामरेड कर्मवीर शाक्य, शैतान सिंह शाक्य, डा0 नवलकिशोर शाक्य, सत्यपाल सिंह शाक्य, होरीलाल शाक्य, डा0 धम्मपाल सरिता शाक्य आदि लोग मौजूद रहे।

03कार्यक्रम का संचालन आयोजक एवं भारतीय शाक्य परिषद के महासचिव सुनीलदत्त शाक्य एडवोकेट ने किया। जेएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबू सिंह कुशवाहा करीब 2.25 बजे आधा दर्जन वाहनो के काफिले के साथ डाक बंगले पहुंचे। श्री कुशवाहा कार्यक्रम के समाप्त होने पर 5.25 बजे काफिले के साथ भोगांव के लिये रवाना हुये। सांय 4.18 बजे रवाना हुई शोभायात्रा 4.47 बजे बौद्ध स्तूप पहुंची। विशाल शोभायात्रा 5.15 बजे वापस रवाना हुई। कार्यक्रम के दौरान पुलिस फोर्स मौजूद रहा।

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